‘GULLIVER IN LILLIPUT’ STORY IN HINDI

Translation in Hindi, Rainbow (English) Class – 06, Lesson-08

 

क बार गुलिवर नाम का एक नाविक था । वह अपने साथी नाविकों के साथ एक लंबी समुद्री यात्रा पर गया । एक दिन समुद्र में एक भयंकर तूफान आया ।

 

उसका जहाज डूब गया लेकिन गुलिवर तैरकर पास के द्वीप पर पहुंच गया । इसको लिलीपुट कहा जाता था । जब वह वहां पहुंचा तब वह बहुत थक चुका था । वह जल्दी ही सो गया जब वह सो रहा था, सैकड़ों बहुत छोटे-छोटे लोग वहां आए और उसे रस्सियों से बांध दिया । जब वह उठा तो इतने छोटे लोगों को देखकर आश्चर्यचकित हुआ । लेकिन जल्दी ही उसने उन्हें अपना मित्र बना लिया ।

उन्होंने रस्सियाँ खोल दीं और उसे भोजन दिया । उनकी रोटियां इतनी छोटी थी कि वह एक बार में दस फुल्के खा जाता था । वह अपने दोपहर के भोजन में एक हजार रोटियों के फुल्के, एक हजार फूलगोभी और सौ भेड़ें खा जाता था ।

छोटे लोग उसे अपने राजा और रानी के पास ले गए । राजा का हाथ इतना छोटा था कि उसे हाथ मिलाने के लिए सिर्फ एक उंगली का इस्तेमाल करना पड़ा । हर चीज इतनी छोटी थी कि वह लिलीपुट के छोटे लोगों के बीच एक राक्षस जैसा था । ये छोटे लोग बड़े दयालु और सहायक थे । उन्होंने उसके लिए एक नाव बनाई । अब गुलिवर के घर रवाना होने का समय आ गया था । वह अपने प्यारे दोस्तों को छोड़ने पर दुखी था ।

वह नाव में बैठा और छोटे लोगों के विदाई के इशारे करते ही चल पड़ा । 



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